17 मई के बाद लॉकडाउन 4.0 ?, सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ मोदी की मीटिंग

कोरोना वायरस के कारण देश इस वक्त लॉकडाउन के तीसरे दौर से गुजर रहा है लॉकडाउन का ये तीसरा चरण 17 मई को खत्म होगा लेकिन 17 मई के बाद क्या होगा ये सबसे बड़ा सवाल है और ऐसा इसलिये हैं क्योंकि कोरोना का कहर कम होने की जगह दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में क्या लॉकडाउन को एक बार फिर से बढ़ाया जाएगा और अगर ऐसा हुआ तो उसका स्वरुप और प्रारूप क्या होगा? इन सभी बातों पर प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे.

सोमवार को मुख्यमंत्रियों से मीटिंग

कल यानी सोमवार को दोपहर 3 बजे मोदी पांचवीं बार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुखातिब होंगे. ये मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी जिसमे देश में कोरोना वायरस से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में लॉकडाउन पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी इसे आगे बढ़ाये जाने या ना बढ़ाए जाने पर फैसला लिया जाएगा. इससे पहले भी मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ 4 बार सबसे पहले 20 मार्च फिर 2 अप्रैल उसके बाद 11 अप्रैल और फिर 27 अप्रैल को बैठक कर चुके हैं.

आर्थिक पक्ष पर जोर

हालांकि भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्य लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के पक्ष में है लेकिन लॉकडाउन के कारण देश को हर दिन जबरदस्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है इसलिए इस बैठक में मुख्य फोकस आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर ही रहेगा. इसका इशारा भी मिल चुका है क्योंकि शनिवार को कैबिनेट सचिव राजीव गाबा दो मीटिंग्स कर चुके हैं जिनमें उन क्षेत्रों के बारे में चर्चा की गई जिन्हें 17 मई के बाद खोला जा सकता है.

कोरोना का बढ़ता ग्राफ

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से देश भर में लॉकडाउन दो बार आगे बढ़ाया जा चुका है लेकिन भारत में अब भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ये आंकड़ा 62 हजार को पार कर चुका है ऐसे हालात में आम लोगों के सामने चिंता यही है कि क्या लॉकडाउन 17 मई के बाद भी चलता रहेगा?

लॉकडाउन बढ़ाने का इशारा

स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ दो सरकारी संस्थाओं एम्स और आईसीएमआर इस बात का इशारा पहले ही कर चुके हैं कि अगर 17 मई के बाद लॉकडाउन खत्म किया गया तो देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह हो सकती है। इन संस्थाओं का कहना है कि अभी लॉकडाउन में छूट देना आत्महत्या के समान होगा।

एम्स के डायरेक्टर की चेतावनी
एम्स के निदेशक डॉक्टर गुलेरिया तो ये तक कह चुके हैं कि भारत में कोरोना के सबसे अधिक मामले का सामने आना अभी बाकी है. उन्होंने जून-जुलाई में इसके चरम पर पहुंचने और सबसे अधिक मामले सामने आने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि पीएम मोदी देश की 135 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखकर कोई फैसला लेंगे यानी लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं इस पर आखिरी फैसला 15-16 मई को ही सामने आएगा।

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