कोरोना संकट के बीच बिहार के मज़दूरों को राहत : श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आज लौटेंगे 17 हज़ार लोग

कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में फंसे देश के विभिन्न जगहों पर फंसे बिहार के मज़दूरों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन तैयार हो चुकी है । इस ट्रेन से लगभग 17 हज़ार मज़दूर अपने अपने घर वापस लौटेंगे । इन मज़दूरों को लेकर रेल प्रशासन और बिहार सरकार हाई अलर्ट पर है । ये सभी ट्रेनें बिहार के अलग अलग स्टेशनों पर पहुंचेंगी ।

प्लेटफॉर्म पर ही स्क्रीनिंग की सुविधा

इन मज़दूरों के पहुंचने के बाद स्टेशन पर ही पूरी जांच की व्यवस्था की गई है । जांच के बाद इनके गृह जिलों में स्थित अलग अलग क्वारंटाइन सेंटर पर सरकारी बसों द्वारा भेजा जाएगा , जहां से 21 दिन बाद ही उन्हें घर जाने की इजाज़त होगी ।

देखें श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट

  • विशाखापट्टनम-मोतिहारी दोपहर 1 बजे
  • ठाणे-बरौनी दोपहर 3.25 बजे
  • बंगलोर-अररिया सुबह 7 बजे
  • बोलरम-गया सुबह 4 बजे
  • रेवाड़ी-मुजफ्फरपुर सुबह 8 बजे
  • रेवाड़ी-खगड़िया सुबह 10 बजे
  • सूरत-पूर्णिया सुबह 3.35 बजे
  • भिवानी-पूर्णिया सुबह 10 बजे
  • गांधीधाम-दानापुर सुबह 7.30 बजे
  • लुधियाना-मुजफ्फरपुर सुबह 9.20 बजे
  • लुधियाना-किशनगंज शाम 5.30 बजे
  • जालंधर सिटी-कटिहार दोपहर 12 बजे
  • रेवाड़ी-किशनगंज दोपहर 2 बजे
  • कोयंबटूर-सहरसा शाम 5 बजे

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने जानकारी दी कि देश में 215 स्टेशनों में से 85 स्टेशनों पर, रेलवे की ओर से स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा राज्य के अनुरोध पर और 130 स्टेशनों पर ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जहां डॉक्टर सहित दूसरी जरूरी मेडिकल सुविधाएं राज्य सरकार खुद से तय करेंगी।

घर लौटने की खुशी

लिस्ट में शामिल बिहार के स्टेशन

राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकारों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किये जा चुके हैं। देश के 215 स्टेशनों में से बिहार के 15 स्टेशनों के नाम

बरौनी, दरभंगा, जयनगर, मुजफ्फरपुर, नरकटियागंज, पटना जं., रक्सौल, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सोनपुर, जमालपुर, छपरा, सीवान और कटिहार शामिल हैं ।

सूत्रों से प्राप्त खबर के अनुसार इन स्टेशनों पर पूर्व मध्य रेल की ओर से आइसोलेशन/क्वारंटीन वार्ड के रूप में बदले जा चुके 269 रेलवे कोचों को भी तैयार किया गया है ताकि ज़रूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। ये कोच हर तरह की मेडिकल सुविधाओं से लैस हैं और इनमें कोविड-19 से संक्रमित या संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन/क्वारंटीन करने की व्यवस्था है।

पूर्व मध्य रेल के जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए पूरे भारतीय रेल में 5231 कोचों को ‘कोविड देखभाल केंद्र’ के रूप में बदल दिया है। इनमें पूर्व मध्य रेल की ओर से तैयार किए गए 269 कोच भी शामिल हैं। जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुरूप जरूरत पड़ने पर ‘कोविड देखभाल केंद्रों’ को इस्तेमाल किया जा सकता है।

ट्रेन की बोगी में तैयार हुआ ‘कोविड केयर केंद्र’

पूर्व मध्य रेल के जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए पूरे भारतीय रेल में 5231 कोचों को ‘कोविड देखभाल केंद्र’ के रूप में बदल दिया है। इनमें पूर्व मध्य रेल की ओर से तैयार किए गए 269 कोच भी शामिल हैं। जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देश के अनुरूप जरूरत पड़ने पर ‘कोविड देखभाल केंद्रों’ को इस्तेमाल किया जा सकता है।

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