गैंगस्टर…गोली और एनकाउंटर, जुर्म के ‘विकास’ की 10 अनसुनी कहानी

गिरफ्तारी के 24 घंटे बाद ही गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। अब इस एनकाउंटर पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विकास दुबे की मौत के साथ ही उसके ज़िंदगी के किस्से सामने आने लगे हैं। जिसमें उसकी लव स्टोरी से लेकर गैंगस्टर बनने की पूरी कहानी है।

जुर्म के ‘विकास’ की पहली कहानी!, एनकाउंटर पर सवाल

पुलिस की जिस गाड़ी में विकास दुबे सवार था वही सड़क पर पलटी। क्या ये इत्तेफाक है?क्या विकास को हथकड़ी नहीं लगी थी कि उसने पुलिसवालों से पिस्टल छिनी और भागते वक्त पुलिसवालों पर फायरिंग की। साथ ही सवाल उठ रहा है कि काफिले के साथ चल रही मीडिया की गाड़ियों को नाका लगाकर क्यों रोका गया था

जुर्म के ‘विकास’ की दूसरी कहानी!, विकास दुबे की लव-स्टोरी

विकास दुबे ने रिचा दुबे से 20 साल पहले लव-मैरिज की थी। दरअसल रिचा विकास दुबे के दोस्त की बहन थी। रिचा के पिता ने दोनों के मिलने पर रोक लगाई तो रिचा के पिता की कनपटी पर पिस्टल तानकर वो उसे अपने साथ भगा ले गया था। फिर दोनों ने शादी की थी।

जुर्म के ‘विकास’ की तीसरी कहानी!, पत्नी बनी जुर्म में हिस्सेदार!

विकास दुबे से लव मैरिज करने के बाद रिचा ने उसे जुर्म के रास्ते पर जाने से रोका नहीं बल्कि जुर्म में उसका साथ देने लगी। बिकरू वाले घर में लगे सीसीटीवी कैमरे उसने अपने मोबाइल से कनेक्ट करा रखे थे। जब पुलिस पार्टी पहुंची तो रिचा ने ही लोकेशन बताई।जिसके बाद विकास के गुंडों ने बेतहाशा फायरिंग कर दी थी

जुर्म के ‘विकास’ की चौथी कहानी! महाकाल का भक्त था विकास दुबे

विकास दुबे महाकालेश्वर का भक्त था..कहते हैं कि वो घर पर भी रोज 2 घंटे पूजा करता था।इसके साथ सावन के महीने में वो सोमवार को आनंदेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए जाता था।

जुर्म के ‘विकास’ की पांचवीं कहानी!, विकास ने पहना था सुरक्षा कवच!

विकास दुबे जुर्म की दुनिया में गहराई तक उतर चुका था। उसे अपनी मौत का डर भी रहता था। तभी उसने एक महंत के कहने पर साल 2003 में हाथ का ऑपरेशन कराया था और जीवनरक्षक दुर्गा कवच को हाथ में इम्प्लांट करा लिया था।

जुर्म के ‘विकास’ की छठी कहानी! सनी देओल का फैन था विकास दुबे

कहते हैं कि विकास दुबे बॉलीवुड स्टार सनी देओल का बड़ा फैन था और सनी की फिल्म अर्जुन पंडित से काफी प्रभावित हुआ। उसी के बाद विकास दुबे ने अपने नाम के साथ पंडित लगाना शुरू कर दिया था ताकि फिल्मी हीरो की तरह उसे भी नाम और शोहरत मिल सके।विकास फिरौती वसूलने के लिए भी पंडित नाम का ही इस्तेमाल करता था।

जुर्म के ‘विकास’ की सातवीं कहानी! गैंगस्टर विकास दुबे का रसूख

राजनीति में विकास दूबे का अच्छा खास रसूख था और पत्नी रिचा दुबे भी सियासी मैदान में उतरी थी अपने रसूख की बदौलत ही वो कानपुर से फरीदाबाद फिर राजस्थान के रास्ते उज्जैन तक पहुंच गया था।

जुर्म के ‘विकास’ की आठवीं कहानी! नेता बनाने वाला विकास दुबे

विकास दुबे की राजनीति में कितनी गहरी पैठ थी। इसका पता इसी से चलता है कि 60 आपराधिक केस दर्ज होने के बावजूद वो टॉप 20 क्रिमिनल की लिस्ट में शामिल नहीं था।दरअसल विकास दुबे अपने रसूख और गैंग के दम पर नेता बनाने का माद्दा रखता था। छात्र राजनीति में भी उसकी दखल था।

जुर्म के ‘विकास’ की नौवीं कहानी! खुद को ‘रॉबिनहुड’ मानता था

विकास दुबे आस-पास के गांवों में पंडित जी के नाम से फेमस था। लड़कियों की शादी में मदद और छोटे-मोटे विवाद भी सुलझाने का काम करता थाऔर इलाके में खुद को रॉबिनहुड की तरह पेश करता।

जुर्म के ‘विकास’ की दसवीं कहानी, दुश्मनी निभाता था विकास

विकास दुबे ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को सिर्फ इसलिए टारगेट किया क्योंकि उसे लगता था कि देवेंद्र मिश्रा उसके गुनाह की सल्तनत को बर्बाद कर देंगे। लल्लन वाजपेयी जैसे स्थानीय दबंगों से भी विकास की रंजिश थी।

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