तलवार के ज़ोर पर औरंगजेब ने बनाया था मुसलमान, 350 साल बाद 200 हिंदुओं की ‘घर वापसी’

हरियाणा के हिसार में 40 मुस्लिम परिवारों के करीब 200 लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. ये वो लोग हैं जिनके पूर्वज औरंगजेब के समय जोर जबरदस्ती के कारण हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम बन गए थे. आजादी के बाद भारत के इतिहास में ये शायद पहला मौका है जब इतनी बड़ी तादाद में लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया है.

हिंदू रीति से किया अंतिम संस्कार

ये घटना हरियाणा के बिठमड़ा गांव की है और जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया है वो डूम जाति के लोग हैं. इन लोगों ने घर में हुई एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसे दफनाने की जगह पूरे रीति रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंदू धर्म अपना चुके सतबीर ने कहा कि उनकी मां फूली देवी का शुक्रवार को देहांत हुआ था। देहांत पर गांव के मुस्लिम परिवारों ने तय किया कि जब वो खुद को हिंदू मानते ही हैं और सारे रीति-रिवाज भी उसी हिसाब से करते हैं तो बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार भी हिंदू रीति से करेंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले किसी की मृत्यु होने पर उसका मुस्लिम रीति से अंतिम संस्कार होता था।

350 साल पहले बने थे मुस्लिम

सतबीर और मृतक महिला के भतीजे मंदिर खान ने दावा किया कि औरंगजेब के शासनकाल में 350 साल पहले जबरदस्ती और डर के कारण उनके पूर्वजों ने इस्लाम धर्म को अपना लिया था, हालांकि परिवार ने ये भी दावा किया कि वो शुरू से ही हिंदू धर्म के तीज त्यौहार मनाते आ रहे थे. लेकिन अभी तक अंतिम संस्कार में शव को दफनाया जाता था.

किसी दबाव से इनकार

जिन लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है उनके मुताबिक उन्होंने ये काम किसी दबाव में नहीं किया, इन लोगों का ये भी कहना है कि इस्लाम धर्म में आने के बाद भी उन्होने ना तो कभी रोज़े रखे और ना ही नमाज पढ़ी, इन लोगों का ये भी कहना है कि उन्हें हमेशा अपनी पहचान को लेकर भ्रम बना रहता था. हम आपको बता दें कि डूम जाति हिंदुओं में अनुसूचित जाति के तहत आती है और जमींदारों से अनाज लेकर अपना जीवन यापन करती रही है. डूम समाज के लोग इसे अपनी घर वापसी के तौर पर देख रहे हैं.

पहले भी हुआ धर्म परिवर्तन

इससे पहले हरियाणा में ही जींद के दनोड़ा गांव में 18 अप्रैल को भी 6 मुस्लिम परिवारों के 35 लोगों ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था, बताया जा रहा है कि बिठमड़ा गांव के जिन 40 मुस्लिम परिवारों ने हिंदू धर्म अपनाया है वो भी आज़ादी से पहले दनौड़ा गांव के निवासी थे.

आरक्षण के लिये बदला धर्म !

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस घटना के बाद मुस्लिम वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन का बयान भी आया है जिसमें  अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए धर्म परिवर्तन कराने की बात कही गई है.

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