राउत के ‘तंज’ के बाद ठाकरे की ‘शाबाशी’, सामने आया सोनू सूद पर शिवसेना का सियासी कंफ्यूज़न

प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने का बीड़ा उठाने वाले सोनू सूद पर जहां महाराष्ट्र में सियासत तेज हो चली है वहीं इस मामले पर शिवेसना का सियासी कंफ्यूजन भी सुर्खियों में है. जिन सोनू सूद पर शिवसेना के संजय राउत ने महात्मा कहकर तंज कसा था उन्हीं सोनू सूद को शिवसेना के दूसरे बड़े नेताओं ने शाबाशी दी है. प्रदेश के गृहमंत्री अनिल देशमुख तो सोनू सूद के समर्थन में खुलकर आ गए हैं।

मातोश्री पुहंचे सोनू सूद

उधर इस सियासी खींचतान के बीच सोनू सूद ने मातोश्री जाकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे से मुलाकात की. दोनों नेताओं से मिलने के बाद सोनू सूद ने कहा कि जब तक आखिरी प्रवासी अपने घर नहीं पहुंच जाता वो अपना काम जारी रखेंगे. सोनू सूद ने ये भी कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर राजनीतिक दल ने उनका समर्थन किया है और वो सबके शुक्रगुज़ार हैं.

आदित्य ठाकरे ने की तारीफ

सोनू सूद से मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने भी उनकी तारीफ की. आदित्य ठाकरे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- ‘आज शाम उद्धव जी और मंत्री असलम शेख के साथ सोनू मुझसे मिले। जरूरतमंद लोगों के लिए हमें साथ आने की आवश्यकता है। आम लोगों की मदद के लिए ऐसे अच्छे इंसान के साथ मिलना अच्छा लगा।’

सोनू के साथ सरकार

सोनू सूद के साथ सीएम उद्धव ठाकरे की ये बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि सुबह सामना में संजय राउत ने सोनू सूद की तीखी आलोचना की थी और उन्हें बीजेपी का प्यादा तक बता दिया था लेकिन आदित्य ठाकरे और गृहमंत्री अनिल देशमुख की तारीफ के बाद ये साफ हो गया कि उद्धव सरकार सोनू सूद के साथ खड़ी है।

डैमेज कंट्रोल की कोशिश !

हालांकि राजनीति के कुछ जानकार सोनू सूद की उद्धव के साथ मुलाकात को शिवसेना के डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश के साथ जोड़कर भी देख रहे हैं. दरअसल सोनू सूद इस इस वक्त जो काम कर रहे हैं उसने हर आम से लेकर खास तक के दिलों में उनके लिए एक अलग जगह बना दी है शायद ही कोई ऐसा है जिसने सोनू सूद की दरियादिली पर सवाल उठाए हों ऐसे में संजय राउत का उन पर सियासी तंज लोगों को पसंद नहीं आया. और माना यही जा रहा है कि उद्धव से सोनू सूद की इस मीटिंग से संजय राउत को भी संदेश मिल गया है।

सोनू के साथ गृह मंत्री देशमुख
इससे पहले जब महाराष्‍ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से इस पूरे विवाद पर सवाल किया गया तो उनका कहना था, ‘ऐक्‍टर सोनू सूद ने बहुत से प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजकर अच्‍छा काम किया है। मैंने नहीं सुना कि संजय राउत साहब ने इस पर क्‍या कहा है। जो लोग अच्‍छी पहल करते हैं, हम उनकी सराहना करते हैं भले ही वह सोनू सूद हो या कोई और।’

राउत ने दिया ‘महात्मा’ वाला ताना

ये पूरा मामला तब शुरु हुआ जब रविवार को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में सोनू सूद की तारीफ पर सवाल उठाते हुए संजय राउत ने कहा कि कितनी चतुराई के साथ किसी को एक झटके में महात्मा बनाया जा सकता है। अपने कॉलम ‘रोखटोक’ में राउत ने लिखा कि- ‘लॉकडाउन के दौरान आचानक सोनू सूद नाम से नया महात्मा तैयार हो गया। इतने झटके और चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है?

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