सनी देओल की फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ से प्रभावित था विकास दुबे, खुद को ‘पंडित’ कहलाना था पसंद

गैंगेस्टर मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे को अपने नाम मे पंडित लगाना काफी पसंद था। विकास के गुर्गे रंगदारी के लिए पंडित नाम का इस्तेमाल करते थे। यही नहीं इलाके के लोग विकास दुबे को विकास पंडित क्यों बुलाते थे। विकास अपने नाम के आगे पंडित सुन कर बेतहाशा खुश होता था।

गुनाहों का देवता बनने की थी ख्वाहिश!

कानपुर में पुलिसवालों पर हमले के गुनहगार गैंगेस्टर मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे उर्फ विकास पंडित पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासा ये कि विकास पंडित फिल्मों का कीड़ा था और सन्नी देओल उसका फेवरेट हीरो। सनी देओल की फिल्म अर्जुन पंडित को देखने के बाद ही विकास दुबे गुनाह की दुनिया में उतरा।

दुबे नहीं पंडित कहलाना था पसंद

अर्जुन पंडित की ही तर्ज पर विकास ने अपना नाम बदला था। गैंगस्टर विकास दुबे ने अपना नाम बदल कर विकास पंडित रख लिया था। विकास के गुर्गे भी उसे इसी नाम से बुलाया करते थे। विकास दुबे पर फिल्म अर्जुन पंडित का बुखार इस कदर हावी था कि रंगदारी वसूलने के लिए विकास भी फोन पर पंडित नाम से बात करता था और इसके बाद उसके गुर्गे रंगदारी वसूलने जाते थे।

फिल्म देखने के बाद ही क्राइम की दुनिया में एंट्री

1999 में अर्जुन पंडित नाम की ये फिल्म आई थी…और यही वो साल था जब विकास दुबे की भी जुर्म की दुनिया में एंट्री हुई थी। फिल्म के किरदार अर्जुन पंडित की तरह विकास भी जुर्म की दुनिया का बड़ा मोहरा बना। फिल्म की ही तरह विकास पंडित को राजनीतिक संरक्षण मिला। जिससे उसका खौफ बढ़ता गया।

विकास दुबे के गुनाहों का सफर

  • 1996 में विकास दुबे चौबेपुर विधानसभा से दबंग विधायक हरिकिशन श्रीवास्तव के संपर्क में आया था।
  • विकास को यह पहला राजनीतिक संरक्षण मिला और विकास ने विधायक के लिए काम करना शुरू कर दिया।
  • जमीन कब्जा करना, रंगदारी वसूलना विकास का मेन पेशा बन गया।
  • 1999 के बाद से कानपुर और आसपास के इलाकों में विकास दुबे का खौफ बढ़ता चला गया।
  • 2001 में मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या करने के बाद विकास मोस्ट वॉन्टेड हो गया। क्राइम की दुनिया में लोग उसे विकास पंडित के नाम से पुकारने लगे।

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