व्हाइट हाउस में कोरोना की एंट्री, डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ी परेशानी

कोरोना वायरस से बेहाल सुपर पावर की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब सुपर पावर के फुलप्रूफ जोन में कोरोना ने सेंध लगा दी है। इसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता कई गुणा बढ़ा दी है। ट्रंप बेहद खौफ में हैं और उन्होंने कहा कि अब व्हाइट हाउस की हर रोज जांच की जाएगी। दरअसल व्हाइट हाउस अमेरिका में सबसे सुरक्षित माना जाता है। यहां काम करने वाले सेना के एक आफिसर कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। इससे हड़कंप मचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि वैसे तो वे उस अधिकारी को जानते हैं लेकिन संपर्क काफी कम था।

व्हाइट हाउस में जांच जरूरी

इस मामले के सामने आते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्ती बढ़ा दी है। ट्रंप ने कहा कि मेरी , उप राष्ट्रपति माइक पेंस की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव हैं। लेकिन अब एक बात तय है कि व्हाइट हाउस में सभी स्टाफ, मेरी और उप राष्ट्रपति की जांच हर रोज होगी। इसके कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। पहले यह जांच हफ्ते में एक बार होती थी।

ब्रिटेन के पीएम भी थे कोरोना के चपेट में

इससे पहले ब्रिटेन में शाही परिवार और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना के फांस में आ गए थे। प्रिंस चार्ल्स पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए फिर ब्रिटेक के पीएम बोरिस जॉनसन मार्च के आखिरी हफ्ते में कोरोना संक्रमित हो गए । अप्रैल में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया । ब्रिटिश पीएम तो आईसीयू में भी पहुंच गए थे। इलाज के बाद जॉनसन अब वे स्वस्थ हैं और कामकाज संभाल चुके हैं।

ट्रंप ने पुतिन को वेंटिलेटर की पेशकश की

कोरोना से जूझ रहे अमेरिका ने रूस की सूध ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की और रूस को वेंटिलेटर भेजने की पेशकश की। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त वेंटिलेटर है। मैं सही वक्त पर रूस को वेंटिलेटर भेजूंगा। रूस के तरफ से अमेरिकी पेशकश की पुष्टि की गई है। दरअसल इस दौरान दोनों ने एक दूसरे को सेकंड वर्ल्डवार 75वीं वर्षगांठ के मौके पर जीत की बधाई।

कोरोना काल में वेंटिलेटर से मदद

फिलहाल कोरोना से जंग में वेंटिलेटर एक सशक्त उपकरण है। अमेरिका के पास अभी दस हजार वेंटिलेटर का स्टॉक है जिसे अमेरिका ब्रिटेन, स्पेन, इटली, नाइजीरिया, अल सल्वाडोर, इक्वाडोर और लैटिन अमेरिकी देशों समेत कई दूसरे देशों में वेंटिलेटर भेजने की योजना बनाई है।जिससे की कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाया जा सके । इस बीच हम आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण से दुनिया में 39 , 54 हजार 826 लोग संक्रमित हैं जबकि करीब 2 लाख 72 हजार लोग मौत की निंद सो चुके हैं । वहीं अमेरिका में 12 लाख 96 हजार 879 लोग कोरोना पॉजिटिव है जबकि 77 हजार 190 लोग की मौत हो चुकी है ।

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