कोरोना से कंगाल हुआ तानाशाह किम जोंग उन! सभी काले धंधों का हुआ शटर डाउन

कोरोना ने दुनिया में तबाही मचाई। दुनिया की बड़ी बड़ी ताकतों की अर्थव्यवस्थाएं मुंह के बल गिर गईं और इसी की जद में आया उत्तर कोरिया का सनकी तानाशाह किम जोंग उन।कोरोना के चलते किम के सारे काले धंधों पर ग्रहण लग गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि किम पाई पाई को तरसने पर मजबूर हो जाएगा

ड्रग्स का धंधा हुआ मंदा

उत्तर कोरिया की फौज और किम की अय्याशियों के लिए सबसे ज्यादा पैसा ड्रग्स के गैर कानूनी धंधे से ही आता था। उत्तर कोरिया से ड्रग्स यूरोप और मध्य एशियाई देशों तक पहुंचाए जाते थे। इन ड्रग्स से उत्तर कोरिया को सालाना करोड़ों डॉलर की कमाई होती थी, लेकिन कोरोना के चलते ड्रग्स की डिमांड कमजोर पड़ गई और किम का धंधा चौपट होने लगा।

कोरोना से अवैध हथियारों का धंधा खत्म

कोरोना ने मानों दुनिया की शक्ल ही बदल दी है। अगर मिडिल ईस्ट को छोड़ दें तो दुनिया में कही और गृहयुद्ध या तकरार नहीं जारी है। खासकर अफ्रीकी देशों में माहौल शांत है जिसके चलते किम जोंग उन का अवैध हथियारों का धंधे पर ब्रेक लग गया है। दरअसल उत्तर कोरिया अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण इलाकों में हथियारों की सप्लाई करता था। ये हथियार अधिकतर चीन से आते थे जिन्हें किम के कारिंदे आगे सप्लाई करते थे। कहा तो ये भी जाता है कि हथियारों के धंधे पर किम का सीधा कंट्रोल है। लेकिन जब जगं ही नहीं तो हथियारों की जरूरत कैसी और किम का खजाना खाली हो गया।

कोरोना से तस्करी पर पड़ा असर

किम जोंग की तानाशाही चलाने के लिए पैसे का एक बड़ा हिस्सा तस्करी से आता था। किम के हुक्म पर उत्तर कोरियाई फौज के अधिकारी सोने से लेकर प्रतिबंधित उपकरणों की तस्करी करते थे। लेकिन कोरोना के चलते जहाजों की आवाजाही कम हुई। जिससे निगरानी आसान हुई और उत्तर कोरिया का तस्करी का धंधा भी तकरीबन बंद हो गया।

तानाशाह को कोरोना खत्म होने का इंतजार

किम की माली हालात ऐसी हो गई हैं कि कोरोना से पहले तक किम तकरीबन हर महीने एक मिसाइल परीक्षण कर दुनिया को धमकाता था। कंगाली आई, पैसा कम हुआ तो किम की बारूदी फैक्ट्री पर भी ताला पड़ा। अब सनकी किम इंतजार कर रहा है कि कब कोरोना खत्म हो और कब उसके काले धंधों का दोबारा आगाज हो।

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