आंध्र प्रदेश में गैस लीक कांड, सड़कों पर बेहोश होकर गिरने लगे लोग, अब तक 10 मौत

कोरोना महामारी के बीच आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार की सुबह बुरी खबर लेकर आई, यहां तड़के अचानक एक केमिकल प्लांट से गैस का रिसाव हुआ जिससे प्लांट के आसपास रहने वाले 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और करीब 5 हजार से ज्यादा लोग बीमार हो गए.

बेहोश होकर गिरने लगे लोग

ये हादसा आर आर वेंकटपुरम गांव की एलजी पॉलिमर इंडस्ट्री में हुआ, सुबह का वक्त था जब लोग जहरीली गैस स्टीरीन की चपेट में आए तो सड़कों पर एक डरावना मंजर था हर तरफ अफरा तफरी मची थी और लोग बेहोश हो होकर जमीन पर गिर रहे थे. लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी जिसके बाद राहत कार्य शुरु कर दिया गया और काफी देर तक बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया जाता रहा.

3 किमी के इलाके में गांव खाली कराए गए

जैसे ही केमिकल प्लांट से गैस रिसाव हुआ मौके पर पहुंचे प्रशासन ने फैक्ट्री के पास 3 किलोमीटर तक के इलाके को खाली कराना शुरु किया. आंध्र सरकार के मुताबिक गैस रिसाव की सूचना मिलते ही लॉकडाउन प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई, गैस को हानिरहित लिक्विड फॉर्म में बदलकर बेअसर किया गया लेकिन, तब तक थोड़ी गैस फैक्ट्री परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में फैल चुकी थी।

हादसे की जिम्मेदार कंपनी

स्टीरीन नाम की जिस गैस का रिसाव हुआ वो बेहद ज्वलनशील और जहरीली गैस है जो सीधे नर्वस सिस्टम पर असर डालती है. ये गैस साउथ कोरियन कंपनी एलजी पॉलिमर्स के प्लांट से लीक हुई। इस प्लांट में पॉलिस्टीरीन बनाई जाती है यानी ऐसी प्लास्टिक जिसका खिलौनों और बाकी उपकरणों को बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। प्लांट में स्टीरीन गैस का इस्तेमाल इसी प्लास्टिक को बनाने के लिए हो रहा था। सरकार ने कहा है कि इस हादसे के लिए सिर्फ और सिर्फ कंपनी जिम्मेदार है लिहाजा उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी.

मदद के लिए पहुंची नेवी टीम
विशाखापट्टनम नगर निगम ने इस हालात से निपटने के लिए लोगों से अपने मुंह और नाक को गीले मास्क या कपड़े से ढकने की सलाह दी है. हादसे के बाद मौके पर भारतीय सेना की टीम 50 भी ब्रीदिंग सेट और पोर्टेबल एयर कंप्रेसर वाली 2 ऐंबुलेंस के साथ एसडीआरएफ टीम की मदद करने के लिए पहुंची।

पीएम मोदी की नजर

इस पूरे घटना क्रम पर केन्द्र सरकार भी नजर बनाए हुए है. खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सैकड़ों लोगों को प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीमारों की तादात और भी ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

You may also like...