पुलवामा हमले पर बड़ा खुलासा-ऑनलाइन मंगाया था केमिकल-बनाया IED

पुलवामा हमले के एक साल बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनआईए ने एक बड़ा खुलासा किया है। एनआईए की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल 40 सीआरपीएफ जवानों की जान लेने वाले इस फिदायीन हमले के लिये केमिकल ऑनलाइन मंगाया गया था।

2 लोगों की गिरफ्तारी से खुलासा

इस मामले में एनआईए ने शुक्रवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया जिनसे पूछताछ के आधार पर ये खुलासा हुआ। एनआईए के मुताबिक गिरफ्तार दो लोगों में से एक ने IED बनाने के लिये केमिकल की ऑनलाइन खरीद की थी ।

अब तक 5 लोग गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 19 साल के वाइज उल इस्लाम और 32 साल के मोहम्मद अब्बास राठेर को गिरफ्तार किया है इस्लाम श्रीनगर के बाग ए मेहताब इलाके और अब्बास पुलवामा के ही हाकरीपोरा का निवासी है।

पुलवामा हमले को लेकर अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले एनआईए ने हाकरीपोरा से पिता-पुत्री और फिदायीन के एक और करीबी को दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर गिरफ्तार किया था।

अमेजन से मंगाया विस्फोटक

एनआईए के प्रवक्ता के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में वाइज उल इस्लाम ने कबूला कि उसने अमेजन से केमिकल और बैटरी के साथ ही दूसरे सामान भी मंगाए थे। जिससे हमले को अंजाम देने के लिए IED बनाया गया था।

जैश की साजिश

इस्लाम ने ये भी बताया कि इसके लिए उसे पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं अमेजन से ऑनलाइन आइटम मंगाने के बाद वाइज ने खुद जैश के आतंकियों को उसे सौंपा था।

कई बड़े खुलासे हुए

एनआईए ने अब्बास राठेर नाम के जिस दूसरे शख्स को पकड़ा है वो भी लंबे समय से जैश के लिए काम कर रहा था। राठेर ने जैश के आतंकी और आईईडी एक्सपर्ट मोहम्मद उमर को अपने घर में पनाह दी थी। जो साल 2018 के अप्रैल में कश्मीर आया था। इतना ही नहीं अब्बास ने पुलवामा हमले से पहले कई बार जैश के आत्मघाती बम हमलावर आदिल अहमद डार के अलावा पाकिस्तनी आतंकी समीर अहमद डार और कामरान को भी अपने घर में ठहराया था।

अमेजन की सफाई

उधर एनआईए के खुलासे के बाद अमेजन कंपनी की तरफ से बयान आया है जिसमें कहा गया है कि कंपनी भारत के नियम-कानून के तहत ही काम करती है। कंपनी ने कहा कि वो हर जांच में सहयोग के लिए तैयार है

एक साल पहले हुआ था पुलवामा अटैक


14 जनवरी 2019 को पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस पर फिदायीन हमला हुआ था। हमलावर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी से बस को टक्कर मारी थी जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले के बाद से ही बार-बार विपक्ष सवाल धमाके में इस्तेमाल किये गये विस्फोटक के वहां पहुंचने पर सवाल उठा रहा था। जिसका खुलासा अब एनआईए ने किया है।

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