सावधान…आसमान से बरसने लगा है कोरोना !, सच साबित हो रही IIT बॉम्बे की रिसर्च

सावन के महीने की शुरुआत हो गई है। देश में मॉनसून भी आ गया है। बारिश की बूंदे भले ही खुशियों की सौगात लाए लेकिन कोरोना के इस काल में मॉनसून भी घातक हो सकता है। जिसके लिए अप्रैल में ही IIT बॉम्बे ने एक रिसर्च पेपर पब्लिश किया था। जो बताता है कि मॉनसून के टाइम में पूरे देश में कोरोना का खतरा कई गुना बढ़ने वाला है।

6 शहरों की केस स्टडी के बाद खतरे का अलर्ट

मुंबई की बारिश कोरोना का वायरस फैलाएगी। इसकी तस्दीक दो महीने पहले ही IIT बॉम्बे ने अपने रिसर्च पेपर में की थी। जिसमें 6 शहरों की केस स्टडी को आधार बना कर फाइंडिग दी गई थी।

रिसर्च में क्या किया गया था दावा

तापमान और नमी का अध्ययन किया गया था। रिसर्च में वायरस के फैलने और नमी में संबंध मिला था। ह्यूमिड मौसम में देर में सूखते हैं ड्रॉपलेट जिससे वायरस का हवा में ज्यादा समय तक बना रहने का खतरा रहता है। तापमान कम होने से वायरस देर से एवॉपरेट होता है।

डबल मुसीबत लेकर आएगा मॉनसून

मॉनसून के इस मौसम में खतरा केवल टंप्रेचर और ह्यूमिडिटी से ही नहीं है बल्कि वॉटर लॉगिंग और बाढ़ के पानी से भी है।

  • घरों में अस्पतालों में पार्क में सड़कों पर पानी भरने से सेनेटाइजेशन खत्म हो जाएगा
  • कंटेनमेंट जोन का पानी सेफ जोन में जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है
  • जब तक पानी उतरे न सेनेटाइजेशन नहीं किया जा सकता है

बारिश के इस मौसम में आसमान से बरसती बूंदे कोरोना के इस काल में इस बार काफी डरा रही हैं। क्योंकि इस बार ये जिंदगी पर दोहरी आफत बनकर बसर रही हैं।

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