1994 में मिली थी ‘कोरोना’ के कहर की चेतावनी, एक किताब में था ‘कातिल वायरस’ का जिक्र

साल 2020 पूरी दुनिया के लिए मुसीबत वाला साल साबित हो रहा है। करीब हर देश कोरोना के कहर से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा है। कई देशों की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है। करोड़ों लोगों की नौकरियां अचानक मुसीबत के भंवर में उलझ गई। कई कंपनियां बंद होने के कगार पर है। रेल, मेट्रो, बस और हवाई यातायात ठप है। जो जहां है वहीं कैद हो कर रह चुका है। दुनिया पर आई इस भीषण आपदा से निपटने में दुनिया लगी हुई है। ऐसे मुश्किल हालात में दावा किया जा रहा है कि कातिल कोरोना के बारे में दुनिया को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी।

1994 में आई एक किताब में वायरस का जिक्र

जानी मानी लेखिका लौरी गैरेट ने दशकों पहले ही मौत के वायरस के कहर की चेतावनी दे दी थी। लौरी गैरेट ने 1994 में एक किताब लिखी थी। जिसका नाम था द कमिंग प्लेग । इस किताब में उन्होंने विषाणुओं से मानव सभ्यता को खतरे की बात कही थी।

वायरस से महाविनाश की चेतावनी

साल 1994 में ही लौरी गैरेट ने कहा था कि बढ़ती भीड़ और कम संसाधन के बीच संघर्ष करता मानव लगातार विषाणुओं को जीत का मौका दे रहा है। वो हमारे शिकारी हैं, वो जीत जाएंगे अगर हम इंसानों को ग्लोबल विलेज में रहने का सलीका नहीं आया।

सच साबित हो रही लौरी गैरेट की भविष्यवाणी

साल 2020 में वही हुआ जिसकी भविष्यवाणी लौरी गैरेट ने दशकों पहले की थी। आज अमेरिकी राष्ट्रपति कह रहे हैं कि कोरोना वायरस का अमेरिका पर हमला पर्ल हार्बर और 9/11 हमले से ज्यादा खतरनाक है । कोरोना वायरस से निपटने में कितना समय लगेगा। कितने दिनों तक कोरोना का कहर देखने को मिलेगा।

“36 महीने से भी ज्यादा वक्त लगेंगे”

लौरी गैरेट ने कहा है कि बहुत जल्दी हुआ और सबकुछ अच्छा हुआ तब भी कोरोना से निपटने में 36 महीने लगेंगे।

आज कोरोना के कहर को पूरी देख रही है। चीन से शुरु हुआ वायरस का कहर आज सुपर पावर अमेरिका को घुटनों पर ला दिया है। लौरी गैरेट जैसे जानकारों का साफ कहना है कि इंसानों को सलीके से जीना सीखना होगा नहीं तो वायरस के मार से दुनिया तबाह हो जाएगी।

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