कोरोना की काट मिलने का रास्ता साफ, वायरस की पहली तस्वीर मिली जल्द मिलेगा इलाज

चीन से अच्छी खबर आई है..कोरोना के कहर से निजात मिलने का रास्ता साफ हो गया है…तीन महीनों से वायरस के खिलाफ चल रही जंग में चीन के वैज्ञानिकों ने बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया है

अब तक कोरोना से लड़ने के लिए वैज्ञानिक अंधेरे में तीर चला रहे थे लेकिन अब कोरोना वायरस और इससे संक्रमित कोशिका की वास्तविक तस्वीर मिल गई है…चीन के वैज्ञानकों की एक टीम कोरोना वायरस से संक्रमित एक कोशिका की तस्वीर लेने में भी कामयाब हुए हैं

कोरोना की संरचना का पता चला
वैज्ञानिकों को अब तक ये नहीं पता था कि कोरोना वायरस दिखता कैसा है उसका स्ट्रक्चर क्या है..इसीलिए इसका इलाज भी नहीं मिल पा रहा था..दुनिया भर के वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे थे लेकिन अब वैज्ञानकों को कोरोना की असल संरचना को समझने में कामयाबी हासिल है…कोरोना किसी कोशिका को जब संक्रमित करता है तो उसकी स्थिति क्या होती है वैज्ञनिक इसकी तस्वीर लेने में भी कामयाब हुए हैं…

ऐसा दिखता है जिंदा कोरोना वायरस
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, दक्षिण चीन के शेनजेन में शोधकर्ताओँ की एक टीम ने कोरोना की पहली तस्वीर जारी की है जिससे ये पता लगता है कि लाखों लोगों को संक्रमित करने वाला ये वायरस असल में दिखता कैसा है…वैज्ञानिकों को कोरोना की तस्वीर को फ्रोजेन इलेक्ट्रॉन माइक्रोसोप ऐनालिसिस टेक्नोलॉजी की मदद से कैद किया गया है

कोरोना को निष्क्रिय करके ली तस्वीर
इस तकनीक के जरिए वैज्ञानिकों ने पहले वायरस को डिएक्टिव किया उसके बाद उसकी तस्वीर ली गई…फ्रोजेन इलेक्ट्रॉन माइक्रोसोप ऐनालिसिस तकनीक के जरिए वायरस के जैविक नमूने को सुरक्षित किया गया जिससे यह पता चलता है कि जब यह वायरस जिंदा था तो किस स्थिति में और कैसा था..कोरोना पर ये अब तक की सबसे बड़ी और विश्वसनीय खोज है..

कोरोना के इलाज की उम्मीद जगी
वैज्ञानिकों की इस कामयाबी से जानलेवा कोरोना वायरस का इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है..क्योंकि कोरोना की संरचना सामने आने के बाद इसकी पहचान करने, वायरस का एनालिसिस करने और क्लिनिकल रिसर्च का रास्ता साफ हो सकता है

आधी दुनिया को संक्रमित कर देगा कोरोना
कोरोना एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है..अब तक ये वायरस तीन हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है…कोरोना वायरस से निपटने की मुहिम एक जंग की तरह हो चुकी है…वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इससे गंभीरता से नहीं लड़ा गया तो दुनिया के 50 प्रतिशत लोग मतलब आधी आबादी इसकी चपेट में होगी..

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