बिहार में ‘बिग बॉस’ कौन? चुनाव से पहले ही महागठबंधन के महारथियों में खींचतान

बिहार में विधानसभा का चुनाव नजदीक आ रहा है जिसे देखते हुए एक तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह 7 जून को एक वर्चुअल रैली कर रहे हैं तो वहीं सीट शेयरिंग और नेतृत्व के मुद्दे को लेकर बिहार में महागठबंधन के नेताओं में अंदरुनी कलह गहराता नज़र आ रहा है.

बिग बॉस की लड़ाई

बिहार में महागठबंधन में बिग बॉस कौन बनेगा इसकी लड़ाई तेज हो चली है. बीते 24 घंटे में एक के बाद एक जो घटनाएं सामने आई हैं कम से कम वो तो इसी तरफ इशारा कर रही हैं. एक तरफ जहां कांग्रेस ने ज्यादा सीटों के साथ चुनाव के नेतृत्‍व करने का दावा करते हुए खुद को महागठबंधन का बिग बॉस बताया है तो वहीं जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी की तिकड़ी ने भी लालू यादव की आरजेडी पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है.

3 दलों की गुप्त मीटिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार की रात महागठबंधन के तीन छोटे घटक दलों के अध्यक्षो ने एक गुप्त मीटिंग की जिसमें सीट शेयरिंग के अलावा तमाम मुद्दों पर बात हुई. इस मीटिंग में राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी और विकासशील इन्‍सान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी मौजूद थे. क्योंकि ये मीटिंग कांग्रेस के आरजेडी विरोधी बयान के ठीक बाद हुई इसलिए राजनीतिक गलियारों में मीटिंग के गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं.

मीटिंग में क्या हुआ ?

तीन दलों के नेताओं की इस मीटिंग में क्या हुआ इस पर कोई आधिकारिक जानकारी तो सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे और नेतृत्‍व पर भी चर्चा हुई। हम आपको बता दें कि जीतनराम मांझी पहले से ही महागठबंधन में समन्‍वय समिति की मांग करते रहे हैं। माना जा रहा है कि इस तिकड़ी को कांग्रेस का समर्थन है।

कांग्रेस मांगे बड़े भाई की भूमिका

इसके पहले शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार के आवास पर कांग्रेस की एक बैठक में भी इन्‍हीं मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग के जरिए कांग्रेस ने सीट-शेयरिंग और नेतृत्‍व के मुद्दों को लेकर आरजेडी पर दबाव बढ़ाया। बैठक के बाद कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग का अपना फॉर्मूला दिया। उन्‍होंने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में गठबंधन में साथ रहे जेडीयू की 102 सीटों का महागठबंधन के घटक दलों के बीच बंटवारा हो और सबसे अधिक हिस्सा कांग्रेस को मिले। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह ने विधानसभा चुनाव कांग्रेस के नेतृत्‍व में लड़े जाने की बात भी कही।

झुकने के मूड में नहीं आरजेडी

हालांकि चुनावी से पहले इस तरह की प्रेशर पॉलिटिक्स कोई नई बात नहीं है लेकिन कांग्रेस के आगे आरजेडी ने ना झुकने का मन बना लिया है. आरजेडी का कहना है कि सिर्फ ज्यादा सीट लेना चुनाव जीतने की गारंटी नहीं होता. आरजेडी ने कांग्रेस को अपनी जमीनी हकीकत ना भूलने की सलाह भी दी. आरजेडी नेतृत्व का कहना है कि इस बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व यानी सोनिया और राहुल गांधी से बात कर ली जाएगी.

बडे भाई की लड़ाई

वैसे ये पहली बार नहीं है कि चुनाव से पहले बड़े भाई या बिग बॉस की भूमिका को लेकर कलह सामने आ रहा है इससे पहले बिहार में जेडीयू और बीजेपी में ये लड़ाई देखने को मिल चुकी है साथ ही एनडीए से अलग होने से पहले महाराष्ट्र में भी बीजेपी और शिवसेना अक्सर बिग ब्रदर की लड़ाई में उलझे हुए नजर आ चुके हैं.

You may also like...