नहीं रहे RLD अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह, ‘किलर कोरोना’ ने छीन ली सांस

मौत के वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व प्रधानमंत्री और देश के बड़े किसान नेता चौधरी चरण सिंह के बेटे और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का कोरोना वायरस की वजह निधन हो गया। चौधरी अजीत सिंह COVID-19 से संक्रमित थे और मंगलवार रात से ही उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी। चौधरी अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी ने खुद ट्वीट कर अपने पिता को निधन की जानकारी दी।

20 अप्रैल से कोरोना संक्रमित थे

अजित सिंह और उनकी पोती 20 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद से उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। अजित सिंह की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 4 मई से वेंटिलेटर सपोर्ट रखा गया था और आज सुबह उनका निधन हो गया। हालांकि अजित सिंह की पोती की तबीयत सही बताई जा रही है।

अजित सिंह के निधन से राजनैतिक गलियारे में शोक की लहर

अजित सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है, वे हमेशा किसानों के हित में समर्पित रहे उन्होंने केंद्र में कई विभागों की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया, शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं ओम शांति!’।

समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर लिखा, ‘राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद! आपका यूं अचानक चले जाना किसानों के संघर्ष और भारतीय राजनीति में कभी ना भरने वाली जगह छोड़ गया है. शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना! दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान.’।

वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख अजित सिंह जी के असमय निधन का समाचार दुखद है, उनके परिवार व प्रियजनों को मेरी संवेदनाएंं।

जाट समुदाय के बड़े नेता थे चौधरी अजित सिंह

राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री और देश के बड़े किसान नेता चौधरी चरण सिंह के बेटे अजित सिंह भारतीय राजनीति के एक बड़े चेहरे थे। मौजूदा समय में वो किसान नेताओं के बड़े नेताओं में शुमार थे। अजित सिंह का दबदबा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा था। वे जाटों के बड़े नेता माने जाते थे। वे कई बार केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। लेकिन पिछले 2 लोकसभा चुनाव और 2 विधानसभा चुनावों के दौरान राष्ट्रीय लोकदल का ग्राफ तेजी से गिरा। यही वजह रही कि अजित सिंह अपने गढ़ बागपत से भी लोकसभा चुनाव हार गए। अजित सिंह के पुत्र जयंत चौधरी भी मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे।

अजित सिंह का सियासी सफर

12 फरवरी, 1939 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चौधरी अजित सिंह का जन्म हुआ।
अजित सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय और IIT खड़गपुर से अपनी पढ़ाई पूरी की।
17 साल तक अमेरिका में नौकरी करने के बाद चौधरी अजित सिंह साल 1980 में भारत लौट आए।
साल 1986 में चौधरी अजित सिंह पहली बार राज्यसभा सदस्य के तौर पर चुने गए।
उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश से 7 बार लोकसभा चुनाव भी जीता।
विश्वनाथ प्रताप सिंह की अगुवाई वाली सरकार में चौधरी अजित सिंह 1989-90 तक केन्द्रीय उद्योग मंत्री रहे।
90 के दशक में अजित सिंह कांग्रेस के सदस्य बन गए।
पी.वी. नरसिम्हा राव के काल में वर्ष 1995-1996 तक वे खाद्य मंत्री भी रहे।
1996 में कांग्रेस के टिकट पर जीतने के बाद वे लोकसभा सदस्य बने।
2019 में लोकसभा चुनाव वे हार गए थे। उनके बेटे जयंत चौधरी को भी हार का सामना करना पड़ा।

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