LAC पर ड्रैगन का ‘डर्टी माइंड गेम’, फिंगर 5 से पीछे हटने को तैयार नहीं चीन, रक्षा मंत्री से मिले NSA अजीत डोभाल

LAC पर चीन की बात और घात वाली चाल लगातार जारी है। चीन की सेना बोलती कुछ है और करती कुछ। चीन की आर्मी पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं चीन के राजदूत और अधिकारी मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। पांचवे स्तर की कोर कमांडर बैठक का अभी तक नतीजा सामने नहीं आया है। इस बीच मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रक्षा मंत्री से इस बारें में एक अहम बैठक की।

चीन की ‘बात-घात’ वाली चाल

भारत और चीन के बीच पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। कहने को तो चीन के नेताओं और राजदूतों की तरफ से बार बार डिसइनगेजमेंट की बात कही जा रही है। लेकिन चीन की कथनी और करनी में फर्क साफ नज़र आ रहा है। चीन की सेना वादे के मुताबिक पीछे नहीं हट रही।

पैंगोंग त्सो में PLA की गहरी चाल

LAC पर यथास्थिति को बदलने की साजिश है चीन की । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पैंगोंग त्सो इलाके में चीन की आर्मी फिंगर 8 से पीछे हटने को तैयार नहीं है गोगरा के पेट्रोलिंग प्वाइंट 17 और 17 A से भी पीछे हटने के वादे से मुकर रहा है चीन बातचीत में चीन की आर्मी लगातार नई शर्तें सामने रख रही है।

मुद्दे को भटका रहे चीन की राजनयिक

चीन की आर्मी के अड़ियल रूख को पूरी दुनिया देख रही है । चीन का विदेश मंत्रालय गोल मोल बाते कर रहा है । चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत-चीन को द्विपक्षीय रिश्ते में सीमा विवाद के सवाल को सही तरीके से डील करने की जरूर है । ये ध्यान रखना चाहिए कि अहमति कहीं विवाद का शक्ल ना अख्तियार कर ले।

बॉर्डर पर चीन की दोहरी” साजिश

चीन का विदेश मंत्रालय मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका में चीन के राजदूत की तरफ से भी अहम बयान आया है। चीन में अमेरिकी राजदूत कुई टियानकाई के मुताबिक ”भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद हावी नहीं होना चाहिए। निश्चित रूप से जून में सीमा विवाद के चलते दोनों देशों की सेनाएं टकराई हैं, लेकिन परमाणु शक्ति संपन्न दो देशो के रिश्ते प्रभावित नहीं होने चाहिए। मुझे लगता है कि मेरे भारतीय मित्र भी यही समझते हैं ।”

चीन को मिलेगा करारा जवाब

जानकारों के मुताबिक चीन अपनी सामरिक साजिशों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इसी अंदाज में काम करता है। बात भी करते रहे हैं, घात भी होता रहे । माना जा रहा है NSA अजीत डोभाल और राजनाथ सिंह की बैठक के बाद बुधवार को सेना या फिर विदेश मंत्रालय की तरफ से दोनों देशों के कोर कमांडर स्तर की मीटिंग पर कोई बयान आ सकता है. हालांकि, पूरी तरह एलएसी पर डिसइंगेजमेंट के लिए अभी दोनों देशों के बीच और सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत हो सकती है।

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