सुपर इलेक्ट्रिक कार, देश में होगी तैयार, भारत में TESLA का स्वागत है!

भारत में ऑटो मोबाइल सेक्टर की तस्वीर बदलने वाली है। भारत ने इलेक्ट्रिक कारों के सबसे बड़े खिलाड़ी टेस्ला को ऑफर दिया है कि टेस्ला भारत में इलेक्ट्रिक कारों की असेंबलिंग की बजाय भारत से सस्ते स्पेयर पार्ट्स लेकर पूरी कार ही भारत में बनाये। भारत ने ऑफर दिया है कि टेस्ला दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारें भारत में बनाकर निर्यात कर सकता है। ऐसा हुआ तो अर्थव्यवस्था को पंख तो लगेंगे ही साथ ही लाखों रोजगार भी पैदा होंगे।

हिंदुस्तान बनेगा इलेक्ट्रिक कारों का हब!

रोज पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम से परेशान लोगों के लिए राहत भरी ख़बर है। अब महंगे पेट्रोल की चिंता नहीं सताएगी। क्योंकि भारत में दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारों से संभव होगा और इसके लिए भारत ने इलेक्ट्रिक कारों के सबसे बड़े खिलाड़ी टेस्ला को बड़ा ऑफर दिया है।

भारत ने दिया ऑफर…टेस्ला की तैयारी!

विदेशी न्यूज़ एजेंसी को दिये इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा है कि टेस्ला भारत में ना सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें असेंबल करे बल्कि लोक वेंडर्स से स्पेयर पार्ट्स खरीदकर कार निर्माण करे। टेस्ला अगर भारत में इलेक्ट्रिक कारों का प्लांट लगाता है तो भारत टेस्ला को सब्सिडी देने को तैयार है।

भारत में बनेगी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार!

टेस्ला भारत में अपनी कारें बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुका है। और इसी साल जून-जुलाई तक टेस्ला भारत में दस्तक दे देगा। टेस्ला के लिए भारत के ऑफर को ठुकराना घाटे का सौदा साबित होगा। इसकी एक बड़ी वजह है भारत का बड़ा बाजार और एलन मस्क किसी भी हाल में इस ऑफर को हाथ से नहीं जाने देंगे। टेस्ला को चीन के मुकाबले भारत में इलेक्ट्रिक कारें बनाना सस्ता पड़ेगा और भारत में निर्मित कारों को टेस्ला दुनियाभर में एक्सपोर्ट करेगा। वहीं, दूसरी तरफ भारत के लिए भी टेस्ला को छूट देना फायदे का सौदा साबित होगा।

इलेक्ट्रिक कारों का बड़ा खिलाड़ी है टेस्ला

जब भारतीय ऑटो कंपनियों को टेस्ला से इलेक्ट्रिक कारों की तकनीक हासिल होगी तो इसमें भारतीय कंपनियां भी दक्षता हासिल करेंगी। खास बात ये कि चीन से सस्ती इलेक्ट्रिक कारें भारत में बनने से भारत में इलेक्ट्रिक कारों का चलन बढ़ेगा।

इलेक्ट्रिक कारों का टेस्ला बड़ा खिलाड़ी है और टेस्ला की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारें चीन में बनती हैं लेकिन भारत में इलेक्ट्रिक कारें महंगी होने की वजह से इन कारों की डिमांड काफी कम है। साल 2020 में कुल 24 लाख कारें भारत में बिकी थी। जिनमें से महज 5000 ही इलेक्ट्रिक कारें थीं। जबकि बीते करीब 14 महीने में टेस्ला ने चीन में साढ़े 12 लाख इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं। जाहिर है जब भारत में चीन से सस्ती इलेक्ट्रिक कारें बनेंगी और टेस्ला भारत से दुनिया को अपनी कारें एक्सपोर्ट करेगा तो इससे चीन को आर्थिक चोट पहुंचना तय है।

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