क्रिप्टोकरेंसी से सुप्रीम कोर्ट ने हटाया बैन, RBI का फैसला पलटा

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन से प्रतिबंध हटा दिया है। अप्रैल 2018 में रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगा दिया था और बैंकों को वर्चुअल करेंसी से ट्रेडिंग नहीं करने का कहा था। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है।

आरबीआई ने क्यों किया बैन ?

क्रिप्टोकरेंसी से गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए आरबीआई ने अपने आदेश में कहा था कि कोई भी वित्तीय संस्थान क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन ना करें। इसके साथ ही RBI ने आम लोगों को हिदायत दी थी कि क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए वित्तीय संस्थान और आम लोग खुद जिम्मेदार होंगे।

दरअसल 2018 में दुनिया के देशों में वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन का तेजी से प्रचलन हुआ था और लोगों ने इससे काफी मुनाफा कमाया।

क्या है क्रिप्टो करेंसी?

यह एक डिजिटल करेंसी है इसके लिए क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है। सबसे पहले क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी जो “बिटकॉइन” थी। जापान के एक इंजीनियर सतोषी नाकमोतो ने बनाया था। शुरुआती दौर में यह उतनी प्रचलित नहीं थी, किन्तु समय बीतने के साथ इसके रेट आसमान छूने लगे, जिससे यह काफी तेजी से कारोबारी लेनदेन का माध्यम बना और सफल भी रहा। 2009 से लेकर आज तक करीब एक हजार तरह की क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मौजूद हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट SARPAT NEWS

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