कोरोना से जंग में भारत के ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल करेंगे फ्रांस और ब्रिटेन, अगले हफ्ते से ब्रह्मास्त्र की तैनाती

कोरोना वायरस पर वैक्सीन बनने की बात तो हर रोज नए तरीके से सामने आ रही। कोई परीक्षण के दूसरे दौर, तो कोई तीसरे दौर की बात कर रहा है। चीन तो बंदर पर टीका के बेहतर रेस्पॉन्स की जानकारी दे रहा है । लेकिन कुल मिलाकर देखें तो ये साफ है कि कोरोना पर वैक्सीन बनने में 4 से 6 महीने लग जाएंगे। ऐसे में फ्रांस और ब्रिटेन भी कोविड-19 के संक्रमण पर नजर रखने के लिए ऐप लागू करने की योजना बना रहे हैं।

भारत में ऐप से कोरोना पर नजर

भारत में कोरोना से बचने और नजर रखने के लिए बड़े पैमाने एप का इस्तेमाल हो रहा है। दरअसल में भारत में इस ऐप का नाम आरोग्य सेतु ऐप है। जो कोरोना प्रभावित इलाके और संक्रमण की स्थिति के बारे अवगत कराने में मददगार साबित हो रहा है।

फ्रांस कोरोना पर लाएगा ऐप

कोरोना के संक्रमण से फ्रांस में हाहाकार है। इसे देखते हुए फ्रांस के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सेडरिक ओ ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि देश में जब 11 मई से लॉकडाउन के नियमों में कुछ छूट दी जाएगी उसी हफ्ते COVID-19 के संक्रमण पर नजर रखने के लिए ‘स्टॉप कोविड’ ऐप को परीक्षण के तौर पर शुरू किया जाएगा। साथ ही फ्रांस में कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ‘स्टॉप कोविड’ ऐप को सरकार की रणनीति का एक अहम हिस्सा करार दिया है।

फ्रांस ने ऐप को माना हेल्थ सिस्टम

फ्रांस में सरकार ने कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए 11 मई से हर हफ्ते देश में कम से कम 7 लाख कोरोना मामलों की जांच का टारगेट रखा है जिसका खर्च सरकार वहन करेगी। सेडरिक ओ ने कहा कि इस एप में कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है। यह किसी प्रकार का तकनीकी सहयोग नहीं है बल्कि यह ग्लोबल हेल्थ सिस्टम का एक हिस्सा है।

ब्रिटेन में भी आएगा ऐप

कोरोना की मार झेल रहा ब्रिटेन ने भी COVID-19 पर नजर रखने के लिए अगले हफ्ते एक ऐसा ही ऐप लाने की योजना बनाई है। ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री माइकल गोव ने यह जानकारी दी। गोव ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ इस सप्ताह हम विट द्वीप पर एक पायलट परियोजना के तौर पर एप की शुरुआत करेंगे। ब्रिटेन में भी हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। ”

भारत में कांग्रेस ने ऐप पर उठाए सवाल

वैसे तो भारत में ऐप का इस्तेमाल लोग कर रहे हैं। सरकार भी बार बार कोरोना इंफेक्शन से बचने के लिए आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐप पर सवाल खड़े किए और प्राइवेसी के लिए लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ऐप से लोगों पर नजर रख रही है। सरकार ने इस आरोप को खारिज कर दिया।

कैसे फंक्शन करता है ऐप ?

इंडियन गवर्नमेंट और इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऐप में ब्लूटूथ और जीपीएस का इस्तेमाल हो रहा है। उपयोग करने वाले जिस आसपास के इलाके में रहता है। उन सभी लोगों में जिनके लक्षण हैं और जिनमें संक्रमण के सकारात्मक लक्षण है, उनके पास इसे रिपोर्ट करने का एक विकल्प है। एक सूचना तब सभी को भेजी जाएगी जो व्यक्ति के निकट संपर्क में हो। यदि पर्याप्त लोग ऐप का उपयोग करते हैं, तो रिसर्चर का मानना है, कि यह संक्रमण की दूसरी स्टेज को रोकने में मददगार हो सकता है।

ऐसे में WHO ने कोरोना के प्रकोप को 11 मार्च को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया और दवा ना होने इससे हर रोज हजारों लोग मर रहे हैं। लिहाजा ऐप के इस्तेमाल का फ्रांस और ब्रिटेन का फैसला एक ब्रह्मास्त्र की तरह है। जिसका इस्तेमाल भारत पहले कर रहा है ।

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