इंजीनियर और डॉक्टर के डबल ब्रेन से हारेगा कोरोना, ‘प्राण-वायु’ से मिलेगी जिंदगी

देश को कोरोना महामारी से जंग के लिए हर तरफ से सहयोग मिल रहा है । महासंकट की स्थिति में जिसे जो बन पा रहा है वो खुले दिल से देश सेवा कर रहा है । राष्ट्र के प्रति समर्पण का जज्बा इस मुश्किल घड़ी में विजय पथ का निर्माण कर रहा है । ऐसे में इंजीनियर और डॉक्टर ने मिलकर एक बेजोड़ अविष्कार किया जिससे कोरोना वायरस से  संक्रमितों की सांस नहीं टूटेगी और बीमार मरीज को प्राण-वायु मिलता रहेगा ।

दरअसल उत्तराखंड की IIT रूड़की ने ऋषिकेश AIIMS की मदद से एक पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाया है । इस वेंटिलेटर को बनाने में महज तीन दिन लगे हैं । इसका नाम साइंटिस्टों ने ‘प्राण-वायु’ रखा है । सबसे खास बात ये है कि इस वेंटिलेटर का इस्तेमाल अस्पताल के वार्ड के अंदर और बाहर हर जगह किया जा सकता है । इसकी एक खासियत यह है कि रेसपिरेट्री ट्रैक में बड़ी रुकावट होने के साथ हर उम्र के मरीजों के लिए विशेष उपयोगी है ।

‘प्राण वायु’ कैसे करेंगा फंक्शन?

IIT रूड़की ने AIIMS ऋषिकेश  के संयुक्त प्रयास से बनाया गया ‘प्राण-वायु’ पोर्टेबल वेंटिलेटर मॉर्डन फैसेलिटिज से सुसज्जित है । इस पोर्टेबल वेंटिलेटर से मरीज को आवश्यक मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता है जो कि प्राइम मूवर से कंट्रोल्ड ऑपरेशन के तहत काम करता है । सबसे बड़ी बात ये है कि इस पोर्टेबल वेंटिलेटर को काम करने के लिए कंप्रेस्ड एयर की जरूरत नहीं होगी। साथ ही वेंटिलेटर में ऐसी व्यवस्था है जो टाइडल वॉल्यूम और प्रति मिनट सांस को रेगुलेट कर सकती है। इसकी एस्टिमेटेड कंस्ट्रक्शन कॉस्ट करीब 25 हजार रुपए होगी ।  

COVID-19 के मरीजों के इलाज में मददगार  

प्राण-वायु पोर्टेबल वेंटिलेटर कोरोना वायरस के इंफेक्शन को देखकर बनाया गया है । इसके Prototype का परीक्षण सामान्य और सांस के खास मरीजों पर किया जा चुका है । जिसमें इसे बनाने वाले डॉक्टर को सफलता मिली है । ये वेंटिलेटर रिमोट से चलेगा और इसकी रीडिंग डॉक्टर और नर्स के मोबाइल पर आता रहेगा । इसे दूर से ही एडजस्ट किया जा सकता है । डॉक्टर और नर्स को संक्रमित मरीजों के पास बार-बार देखने जाने की जरूरत नहीं होगी । IIT रुड़की की टिकरिंग लैब में इसको बनाया गया है ।

 
हम आपको बता दें कि इससे पहले एमआईटी के साथ भारतीय इंजीनियरों ने एक सस्ता वेंटिलेटर बनाया जिसकी कीमत 37,500 रुपए थी अब रुड़की आईआईटी और एम्स ऋषिकेश ने उससे भी सस्ता पोर्टेबल बना दिया है । फिलहाल अमेरिका में एक वेंटिलेटर की कीमत 22 से 23 लाख रुपए के बीच है। तो वाकई भारतीय इंजीनियर और डॉक्टर ने इस महासंकट में बड़ी कामयाबी हासिल की है ।

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