चला गया सदाबहार फिल्मों का ‘चितचोर’, हिंदी सिनेमा को क्लासिकल फिल्में देने वाले बासु दा का निधन

साल 2020 में बॉलीवुड का बुरा वक्त लगातार जारी है. इरफान खान, ऋषि कपूर के बाद युवा संगीतकार वाजिद खान के देहांत के बाद अब सिनेमा की दुनिया से एक और बुरी खबर आई है. हिंदी सिनेमा को सादगी से भरी मनोरंजक और सदाबहार फिल्में देने वाले दिग्गज निर्माता-निर्देशक बासु चटर्जी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया है.

गम में डूबा बॉलीवुड

फिल्म इंडस्ट्री में बासु दा के नाम से लोकप्रिय बासु चटर्जी 90 साल के थे। बासु दा के गुज़रने की ख़बर से इंडस्ट्री में शोक की लहर छा गयी है।  उनके निधन की कोई खास वजह नहीं बताई गई है और कहा जा रहा है कि उम्र संबंधी बीमारियों के कारण गुरुवार को उनका निधन हो गया. बासु दा ने देवानंद, राजेश खन्ना और अमिताभ धर्मेंद्र समेत कई सुपरस्टार को निर्देशित किया था. अमिताभ समेत तमाम फिल्मी हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है.

बासु दा की सुपरहिट फिल्में

बासु दा ने पिया का घर,  उस पार, रजनीगंधा,  छोटी सी बात,  चितचोर,  स्वामी,  खट्टा-मीठा,  जीना यहां, बातों-बातों में,  अपने पराए और  शौकीन जैसी मनोरंजन से भरपूर फिल्में हिंदी सिनेमा को दी.

बासु चटर्जी का हिंदी सिनेमा में लम्बा योगदान है। मध्यम वर्ग की नब्ज़ पकड़कर फ़िल्में बनाने में बासु दा को महारत हासिल थी। उनकी फ़िल्मों के किरदार रोज़-मर्रा की ज़िंदगी से निकलते थे। बासु दा की फिल्में बेहद साफ सुथरी और आम आदमी की जिंदगी से मिलती जुलती हैं. उन्होंने कई क्लासिक और कल्ट समझी जाने वाली फ़िल्मों का निर्माण और निर्देशन किया था।

बतौर कार्टूनिस्ट शुरु किया करियर

10 जनवरी 1930 को अजमेर में पैदा हुए बासु चटर्जी ने अपना करियर ब्लिट्ज़ मैगज़ीन में बतौर कार्टूनिस्ट शुरू किया था। करीब 18 साल वहां काम करने के बाद बासु दा ने फ़िल्मों की ओर रुख़ किया। उन्होंने करियर की शुरुआत उस वक्त के दिग्गज फिल्म मेकर बासु भट्टाचार्य के असिस्टेंट के तौर पर राज कपूर की फ़िल्म तीसरी कसम से की थी।

हालांकि बतौर डायरेक्टर बासु दा की पहली फिल्म साल 1969 में आयी सारा आकाश थी. यह फ़िल्म क्रिटिकली कामयाब रही और इसे बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए फ़िल्मफेयर अवॉर्ड भी दिया गया था।

अमोल पालेकर के साथ जोड़ी

बासु दा ने सबसे ज़्यादा फ़िल्में अमोल पालेकर के साथ कीं, जिनमें रजनीगंधा, छोटी सी बात, चितचोर, और बातों बातों में जैसी फ़िल्में शामिल हैं। और ये सभी फिल्में अमोल पालेकर के करियर की भी बेस्ट फिल्में हैं.

बासु दा ने  दूरदर्शन के लिए ब्योमकेश बख्शी और रजनी धारावाहिकों का निर्माण और निर्देशन भी किया था। बासु दा के दोनों धारावाहिक भी खूब कामयाब रहे. अभी लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन ने रामायण और महाभारत के साथ ही ब्योमकेश बख्शी सीरियल का प्रसारण भी किया था.

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