एक नियम ऐसा भी, यहां बिना आरोग्य सेतु एप के बाहर निकले तो जाना पड़ सकता है जेल

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आरोग्य सेतु ऐप को लेकर सियासत तेज होती जा रही है राहुल गांधी से लेकर असदुदद्दीन ओवैसी तक जहां इस पर सवाल उठा रहे हैं वहीं इन सवालों के बीच नोएडा में इस एप को डाउनलोड करना सभी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.

आरोग्य सेतु एप रखना अनिवार्य

अगर आप गौतमबुद्धनगर जिले में रहते हैं और स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो 4 मई यानी आज से आरोग्य सेतु एप के बगैर आप बाहर नहीं निकल पाएंगे और अगर आप ऐसा करते हैं तो ये लॉकडाउन का उल्लंघन माना जाएगा. 3 मई की देर शाम नोएडा के एडिश्नल डीसीपी ने इसके लिए जरुरी दिशा निर्देश जारी किए.

आरोग्य सेतु एप ना रखना दंडनीय अपराध

नोएडा प्रशासन की तरफ से जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उसमें साफ कहा गया है कि स्मार्टफोन यूजर्स के मोबाइल पर अगर आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल नहीं होगा तो यह भी लॉकडाउन निर्देश के उल्लंघन के अंतर्गत दंडनीय होगा। हम आपको बता दें कि लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने पर पुलिस आईपीसी की धारा 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्रवाई कर रही है। इसमें जुर्माने से लेकर जेल जाने तक का प्रावधान है। मतलब साफ है कि अगर आपके फोन में आरोग्य सेतु एप नहीं है तो आपको जेल तक की हवा खानी पड़ सकती है.

भदोही में भी जारी हो चुका है आदेश

नोएडा से पहले उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में भी इसी तरह का आदेश दिया जा चुका है यहां डीएम ने सभी सरकारी अफसरों को आदेश जारी कर आम लोगों के मोबाइल में ज्यादा से ज्यादा आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाने का आदेश दिया था हालांकि यहां अनिवार्यता और सजा की बात नहीं कही गई थी.

सरकारी और निजी सेक्टर में आदेश लागू

इससे पहले कोरोना वायरस को ट्रैक करने का दावा करने वाले आरोग्य सेतु ऐप को केंद्र सरकार सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अनिवार्य कर चुकी है, सरकार ने सभी संस्थानों के प्रमुखों को इस आदेश का 100 फीसदी पालन करने के निर्देश भी दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कोविड-19 कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों के लिए भी आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप इस्तेमाल करना जरूरी होगा।

राहुल-ओवैसी ने उठाए सवाल
हालांकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईएमआईएम के प्रमुख समेत कुछ विपक्षी दल आरोग्य सेतु एप पर सवाल उठा रहे हैं. राहुल गांधी ने तो इस एप को चोरी से निगरानी रखने का जुगाड़ तक कहा है, उन्होंने इस एप को लोगों पर नजर रखने वाला एप बताया है. राहुल इस एप के जरिए लोगों के निजी डेटा की चोरी और गोपनीयता भंग होने की आशंका जाहिर कर चुके है.

You may also like...