चीन की ‘टू फ्रंट’ वाली साजिश, दो मोर्चों के लिए तैयार है हिन्दुस्तान

1967 के बाद पहली बार LAC पर इस तरह जंग जैसे हालात पैदा हुए हैं । गलवान से चीन की सेना के पीछे हटने के लिए राजी होने की खबरें तो आ रही हैं । लेकिन पैगोंग त्सो के साथ दूसरी जगहों पर चीन अड़ा हुआ है । खबर ये भी है कि चीन अपनी साजिश में पाकिस्तान को भी शामिल कर चुका है । भारत के सामने दो फ्रंट पर चुनौती है ।

53 साल बाद LAC पर संघर्ष के हालात

लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने हैं । दोनों तरफ सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा है । भारत चीन की हर हरकत को जवाब देने के लिए तैयार है । LAC पर चुनौती बड़ी है लेकिन LoC पर भी नजर रखनी है । चीन के साथ भारतीय सेना पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पश्चिमी मोर्चे पर सतर्क है। दो मोर्चों पर चुनौती है ।

दो मोर्चों के लिए तैयार है हिन्दुस्तान

खबरों के मुताबिक भारतीय सेना ने LAC पर चीन की साजिशों को जवाब देने के लिए 30 हज़ार से ज्यादा पैदल सैनिकों के साथ फॉरवर्ड पोजीशन्स पर टैंक और तोपों की भी तैनाती की गई है । बताया जा रहा है कि LAC के LoC पर भी पर्याप्त तैनाती है । रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक चीन की सेना ने गलवान और देपसांग में घुसपैठ की साजिश रची है इस मकसद उत्तरी लद्दाख से पीओके तक लिंक तैयार करना हो सकता है।

चीन-पाकिस्तान में डेंजरस गठजोड़

पाकिस्तान और चीन का सालों से सैन्य गठजोड़ रहा है । उसके साथ ही चीन ने पाकिस्तान में बहुत बड़ा निवेश किया है । लिहाज़ा हिन्दुस्तान में टू फ्रंट वॉर की चर्चा होती रही है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले एक दशक में रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्टों में में चीन और पाकिस्तान के संयुक्त खतरे की बात कही गई है । रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अगर चीन भारत के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू करता है तो पाकिस्तान की तरफ से शत्रुता बढ़ने की आशंका है।

एक साथ मिलेगा चीन-पाकिस्तान को जवाब

भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त खतरे के ‘कंटीनजेंसी-3’ के के रूप में परिभाषित करती रही है । चीन और पाकिस्तान के नापाक गठजोड़ के खिलाफ बड़ी तैयारियां भी होती रही हैं । 2018 में वायुसेना का गगनशक्ति युद्ध अभ्यास इसी का हिस्सा था । इसमे एयरफोर्स के 500 से ज्यादा लड़ाकू विमानों सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, जगुआर और मिराज ने हिस्सा लिया था । लड़ाकू विमानों के अलावा बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर, सी-130 जे सुपर हर्क्युलिस भी अभ्यास में शामिल हुए थे।

टू फ्रंट वॉर के लिए तैयार है हिंदुस्तान

टू फ्रंट वॉर की तैयारी के लिए ये ही ये अभ्यास हुआ था । एयरफोर्स अपने सारे ऐसेट्स को वेस्टर्न सेक्टर से ईस्टर्न सेक्टर 48 घंटे के अंदर ले गई थी । बताया जा रहा है कि एयरफोर्स ने पिछले 5-6 सालों में अपनी क़ॉम्बैट क्षमता में 5 से छह गुना इजाफा किया है । तत्कालीन वायुसेना प्रमुख ने उस वक्त लड़ाकू विमानों की कमी की बात कही थी लेकिन अब वायुसेना में राफेल जैसे विमानों की एंट्री हो रही है । लिहाजा भारतीय सेना चुनौतियों से निपटन के लिए पूरी तरह तैयार है ।

You may also like...