‘डेजर्ट फ्लैग’ से चीन-पाकिस्तान की नींद हराम, फारस की खाड़ी में दिखेगा IAF का जलवा

प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति, मध्यपूर्व में नए समीकरण बना रही है। इससे अरब देशों से दोस्ती का दम भरने वाले पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। यूएई में हिंदुस्तान दुनिया के दस ताकतवर देशों के साथ युद्धाभ्यास करेगा। इस युद्धाभ्यास में इंडियन एयरफोर्स के रणबांकुरे जलवा बिखेरेंगे। फारस की खाड़ी में होने वाले इस युद्धाभ्यास से चीन से लेकर पाकिस्तान तक के हुक्मरानों की नींद फना हो गई है।

मध्य पूर्व में PM मोदी की रणनीति कामयाब

पाकिस्तान से 1700 किलोमीटर और बीजिंग से करीब पांच हज़ार किलोमटीर दूर, बम और बारूद की ऐसी बारिश होने वाली है। जिसके आगाज़ से पहले ही, बाजवा ब्रिगेड से लेकर रेड आर्मी तक बेचैन हो उठी है। मार्च में चीन और पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किल की वजह है पर्शियन गल्फ। फारस की खाड़ी में हिंद के वायुवीरों की लीडरशिप में कुछ ऐसा होने वाला है जिससे चीन-पाकिस्तान भारी टेंशन में आ गए हैं, हिंदुस्तान के मास्टरस्ट्रोक से चिढ़ गए हैं।

UAE में 10 देशों का युद्धाभ्यास

दरअसल इसी महीने, यूएई में एक, हाई प्रोफाइल वॉर एक्सरसाइज़ होने वाली है। तीन हफ्तों तक चलने वाली इस मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज का कोडनेम डेजर्ट फ्लैग दिया गया है। इसमें भारत और UAE के अलावा अमेरिका, फ्रांस, सऊदी अरब समेत कुल 10 देश हिस्सा लेंगे।

6 सुखोई-30-MKI फाइटर जेट्स होंगे शामिल

जानकारी के मुताबिक, डेजर्ट-फ्लैग-सिक्स (06) एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना के छह (06) सुखोई फाइटर जेट्स, दो (02) सी-17 ग्लोबमास्टर, एक आईएल-78 टैंकर सहित कुल 150 वायुसैनिक हिस्सा ले रहे हैं. एक्सरसाइज के लिए भारतीय वायुसेना के सुखोई फाइटर जेट्स एक लंबी उड़ान भर कर अल-दफ्रा एयरबेस पहुंचेंगे. इस दौरान आईएल-78 टैंकर से उनमें मिड-एयर रिफ्यूलिंग भी की जाएगी.

फारस की खाड़ी में IAF का दिखेगा जलवा

फारस की खाड़ी में हिंदुस्तान की ये मल्टीनेशनल वॉर एक्सरसाइज, पाकिस्तान की आंख में चुभ रही है। दरअसल डेजर्ट फ्लैग एक्सरसाइज़, में अरब देशों ने पाकिस्तान को तरजीह नहीं दी है, उसे बुलाया तक नहीं गया.. जबकि इंडियन एयरफोर्स की आगवानी में अरब देश लाल कालीन बिछाए हुए है।

UAE में दिखेगा IAF का दम

इंडियन एयरफोर्स का बेडा UAE के एयर वॉरफेयर सेंटर, अल धाफरा एयरफोर्स पर अगले एक दो दिन में पहुंच जाएगा ये वही एयरबेस है जहां फ्रांस से आने के दौरान राफेल विमान कुछ वक्त के लिए उतरे थे। दरअसल पूर्वी लद्दाख में चीन की साजिश और पाकिस्तान से उसके गठजोड़ को देखते हुए यूएई में हो रहा युद्धाभ्यास बेहद अहम माना जा रहा है।

अरब देशों ने छोड़ा पाकिस्तान का साथ

भारत और अरब देशों के बीच संबंधों में मजबूती आ रही है। इससे पाकिस्तान का सिरदर्द बढ़ रहा है। पिछले साल दिसंबर में सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने सऊदी अरब और UAE की यात्रा की थी। इस वॉर एक्सरसाइज को भारत और अरब देशों के बीच संबंधों के नए दौर के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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