जेसिका लाल का हत्यारा मनु शर्मा जेल से छूटा, अच्छे बर्ताव के कारण मिली रिहाई

देश के सबसे ज्यादा चर्चित हत्याकांड में से एक जेसिका लाल मर्डर केस में उम्र कैद की सजा काट रहे दोषी मनु शर्मा को रिहा कर दिया गया है. मनु शर्मा को समय से पहले ही सोमवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहाई मिल गई.

सेटेंस रिव्यू बोर्ड की मीटिंग में फैसला

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मनु शर्मा समेत 18 दूसरे कैदियों की समय से पहले रिहाई वाले आदेश को मंजूरी दे दी। हम आपको बता दें कि तिहाड़ जेल में बंद कैदियों की समय से पहले रिहाई को लेकर सोमवार को सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की मीटिंग हुई थी। इस बैठक में 37 कैदियों के केस रखे गए थे। जिनमें से 22 कैदियों को समय से पहले रिहाई देने पर सहमति बनी थी और आखिरी फैसला उपराज्यपाल पर छोड़ दिया गया था।

5 बार एसआरबी में आया था नाम

इससे पहले भी मनु शर्मा के केस को सेंटेस रिव्यू बोर्ड में पांच बार रखा जा चुका था। हर बार मनु के नाम को अगली मीटिंग में लाने के लिए रेफर कर दिया जाता था। बोर्ड को बताया गया कि जिन कैदियों की रिहाई हुई है उन्हें  जेल में रहते हुए कम से कम 14 साल हो गए हैं। इस दौरान इन्हें जितनी बार भी परोल और फरलो मिली है। उसमें यह समय पर जेल में वापस आए हैं।

अच्छे बर्ताव से रिहाई

मनु शर्मा हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेता विनोद शर्मा के बेटे हैं. बताया जा रहा है कि जेल में अच्छे बर्ताव और चाल चलन को मनु शर्मा की रिहाई का आधार बनाया गया. मनु इस मामले में 17 साल की सजा काट चुका है.

क्या हैं नियम ?

सेंटेंस रिव्यू बोर्ड को उम्रकैद की सजा के मामले में 14 साल की सजा पूरी होने के बाद सजा को रिव्यू करने का अधिकार होता है। कैदियों के नाम रिव्यू बोर्ड को भेजने के पहले दिल्ली पुलिस के अलावा पीड़ित पक्ष और जेल सुपरिटेंडेंट की राय भी लेनी होती है।

जेसिका के परिवार ने किया माफ

रिव्यू कमेटी की पिछले हफ्ते हुई बैठक में जिला जज समेत कुल सात सदस्य शामिल हुए। तिहाड़ जेल, दिल्ली पुलिस और जेसिका के परिजन की ओर से कहा गया था कि मनु को जेल से छोड़ने में कोई एतराज नहीं है। इसके बाद ही जेल की ओर से नाम रिव्यू कमेटी को भेजा गया था। वैसे भी इन दिनों मनु शर्मा कोरोना के खतरे के चलते जेल से बाहर था।

क्या है पूरा मामला ?

ये पूरा मामला साल 1999 का है जब 29 अप्रैल की रात दिल्ली के टैमरिंड रेस्टोरेंट में मॉडल जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शराब परोसने से मना करने पर जेसिका लाल की हत्या की गई थी और आरोप मनु शर्मा पर लगा था। दिसंबर 2006 को दिल्ली हाईकोर्ट ने मनु को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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