रेमडेसिवियर से कोरोना का अंत तुरंत, क्या है कोरोना का ‘किलर प्लान’? पढ़ें ये खास रिपोर्ट

कोरोना दुनिया को निगलते जा रही है । करीब दो लाख 40 हजार लोगों की जान कोरोना की वजह से जा चुकी है । हर तरफ अंधकार का माहौल है । इस अंधकार के छंटने का सबको बेसब्री से इंतजार है । इस बीच कोरोना से जंग में एंटी वायरल दवा रेमडेसिवियर बेहद अहम हो गया है । रेमडेसिवियर के क्लिनिकल ट्रायल के थर्ड फेज में पॉजिटिव रेसपॉन्स की बात सामने आई है ।

व्हाइट हाउस से मिली मंजूरी

यूएस फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेरिका में तेजी से बढ़ते मौत के आंकड़े को देखते हुए अहम फैसला लिया है । एफडीए चीफ स्टेफन हान ने कोरोना संक्रमित के मरीजों के इलाज में इमरजेंसी के वक्त रेमडेसिवियर दवा के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है । इतना ही नहीं व्हाइट हाउस से मिला जानकारी के मुताबिक गिलीड जो कि एक दवा कंपनी है, उसको अस्पताल में भर्ती मरीजों के इमरजेंसी हालात में रेमडेसिवियर की सप्लाई के लिए आवेदन देने को अधिकृत किया है।

कोरोना काल में गिलीड का महादान

कोरोना से लगातार मौत से की वजह से अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद परेशान है क्योंकि इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं । इस परेशानी के बीच ट्रंप ने रेमडेसिवियर के इस्तेमाल को सही सोच करार दिया और कहा कि इससे बहुत उम्मीद है। वहीं  सकारात्मक नतीजे के बाद गिलीड के सीईओ डेनियल ओ डे ने ऐलान किया कि कंपनी साढे दस लाख दवा की शीशियां दान कर रही है । उन्होंने कहा कि हमने लगभग 10.50 लाख रेमडेसिवियर की शीशियां दान करने का फैसला लिया है । हम इस त्रासदी के वक्त में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे और दवा की सप्लाई को बढ़ाने के लिए पूरी तरह से काम करेंगे ।

रेमडेसिवियर से जल्द इलाज का दावा

ऐसे में जब रेमडेसिवियर के क्लिनिकल ट्रायल के बेहतर नतीजे सामने आए है । वहीं इस दवा के बारे में कहा जा रहा है कि ये दवा कोरोना मरीजों के इलाज में  दूसरे दवा से 5 दिन कम समय ले रहा है । इसका मतलब साफ है कि इस दवा में पेसेंट के रिकवर होने में पांच दिन कम लगती है । अमेरिका में COVID-19 के लिए इस दवा का ट्रायल जीलेड नाम की कंपनी कर रही है। बताया जा रहा है कि अगर ट्रायल पूरी तरह से सफल हुआ तो इससे दुनिया को एक तरह से कोरोना के खिलाफ संजीवनी मिल जाएगी। 

कितने पेसेंट पर हुआ ट्रायल?

ट्रायल के लिए दो सैंपल सेट बनाए गए, जिसमें करीब 1000 कोरोना मरीजों को शामिल किया गया । दोनों सेट्स को अलग-अलग रेमडेसिवियर और प्लेसिबो दी गई। रेमडेसिवियर वाले COVID-19  मरीज प्लेसीबो की तुलना में जल्दी से ठीक हो गए । रेमडेसिवियर का जिन मरीजों पर इस्तेमाल हुआ था, उनकी रिकवरी 31 फीसदी तेजी से हुई । वैसे देखा जाए तो सौ फीसदी के मुकाबले 31 फीसदी सुधार बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन एक बात तो साफ है कि रेमडेसिवियर दवा कोरोना पर काफी हद तक कारगर है ।

इबोला पर है कारगर रेमडेसिवियर

हम आपको बता दें कि  रेमडेसिवियर एक एंटी वायरल दवा है, जिसे इबोला के इलाज के लिए बनाया गया था। इसे अमेरिकी फार्मास्युटिकल गिलियड साइंसेज ने बनाया । इसी साल फरवरी में यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिसीज ने घोषणा की कि वह कोविड-19 के खिलाफ जांच के लिए रेमडेसिवियर का ट्रायल कर रहा है।

बहरहाल, रेमडेसिवियर से कोरोना के इलाज में बेहतर नतीजे मिलने के अमेरिकी दावे के बीच जापान ने भी रेमेडिसविर के लिए एक स्पेशल एप्रूवल की प्रक्रिया शुरू की है । अगर अमेरिका और जापान में रेमडेसिवियर का व्यापक असर दिखा तो मौत के तांडव पर काबू करना काफी हद तक आसान हो जाएगा । मतलब साफ रेमडेसिवियर से कोरोना का अंत तुरंत।

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