लॉकडाउन से कारों का कारोबार चौपट, 38 दिन में नहीं बिकी एक भी कार

वैश्विक महामारी कोरोना से दुनिया बेहाल है । इससे भारत भी अछूता नहीं है । विज्ञान के चमत्कार की दुहाई देने वालों को कोरोना ने ऐसा दंश दिया है कि मेडिकल साइंस कराह रहा है । जोर का झटका जोर से लगा है । इससे दुनिया में कोहराम मचा है । इसका असर मानवता से लेकर आर्थिक जगत पर व्यापक तौर से देखा जा रहा है । 

महामारी काल में लॉकडाउन की वजह से व्यवसाय बंद है । प्रोडक्शन पर ताला लग चुका है । वर्ल्ड वॉर के समय भी शायद ऐसी स्थिति नहीं रही होगी । 40 दिन का लॉकडाउन बढ़कर 54 दिन कर दिया गया है । ताजा समय में ऑटो सेक्टर की दशा सबसे ज्यादा दयनीय है। इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में किसी भी कंपनी की एक कार नहीं बिकी है ।  ऐसा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये पहला ऐसा मौका है जब कार की बिक्री का आंकड़ा जीरो रहा।

मारूति में महामारी से महाबंदी

जैसा कि हम सभी जानते है कि देश में 24 मार्च की आधी रात यानी 25 मार्च से  लॉकडाउन है । लॉकडाउन के 38 दिन बीत चुके है । इस दौरान मारुति, टाटा, हुंडेई सहित तमाम ओटो मोबाइल्स कंपनियों के शोरुम में ताला लटके हैं । मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीवीएस मोटर अधिकारियों का कहना है कि मई महीने में भी कमोबेश बिक्री में सुधार की संभावना ना के बराबर  है । इस वजह से ऑटो सेक्टर को लंबे समय तक महामंदी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। मारुति सुजुकी में शुक्रवार को सेल्स रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब अप्रैल में कंपनी की एक भी कार नहीं बिकी ।

स्कोडा को सुधार का भरोसा 

स्कोडा कार कंपनी  के लिए कोरोना काल एक बुरा सपना की तरह है । 30 साल में यह पहला मौका है जब कंपनी की एक कार नहीं बिकी है । स्कोडा के हेड जैक हॉलिस ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि अप्रैल महीने में उनकी एक भी कार नहीं बिकी है। मैं अपने करियर के दौरान पहली बार ऐसा देख रहा हूं। लेकिन उन्होने भरोसा जताया कि कोरोना महामारी से ऑटो इंडस्ट्री जल्द  उबरेगी ।

एमजी मोटर्स भी बेहाल

लॉकडाउन से एमजी मोटर्स भी संक्रमण काल के दौर से गुजर रहा है । शुक्रवार को स्टेट्स रिपोर्ट में कहा कि लॉकडाउन से सभी डीलरशिप बंद रहे। लिहाजा अप्रैल माह में एमजी कारों की एक भी यूनिट नहीं बिकी। कंपनी ने बताया कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में हमने हालोल (गुजरात) स्थित प्लांट में ऑपरेशन और मैन्युफैक्चरिंग को शुरू कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि मई में प्रोडक्शन फिर से पटरी पर आ जाएगा।

लॉकडाउन से रोजगार चौपट

कोरोना काल से पहले ऑटो इंडस्ट्री डायरेक्ट और इनडायरेक्ट तौर पर करीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है । जो कि देश की GDP में 8 फीसदी और सरकार के टैक्स कलेक्शन में 15 फीसदी का योगदान देती है। कोरोना संक्रमण की वजह से पहली बार करीब 38 दिनों में एक भी कार की बिक्री नहीं हुई है ।हम आपको बता दें कि ग्रेटर नएडा में इस साल फरवरी के ऑटो एक्सपो 2020 इवेंट के दौरान मारुति के साथ कई कंपनियों ने अपने नए मॉडल को शोकेस किया था। लेकिन कोरोना की वजह से सारे के सारे मॉडल्स धरे के धरे रह गए ।

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