मुंबई में कोरोना विस्फोट का खतरा, एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी धारावी में COVID-19 से एक शख्स की मौत

राजधानी दिल्ली के बाद अब मायानगरी मुंबई पर कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है। मौत के इस वायरस ने अब एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी में दस्तक दे दी है। मुंबई के धारावी में कोरोना वायरस से एक शख्स की मौत की खबर है।

धारावी में 56 साल के शख्स की मौत

भारत में कोरोना वायरस का केस लगातार बढ़ता जा रहा है। इस अदृश्य बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित कोई राज्य है तो वो है महाराष्ट्र। जहां कोरोना वायरस के 300 से ज्यादा केस सामने आ चुका है। मुंबई मे एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी धारावी है जहां जानलेवा कोरोना वायरस ने मौत की दस्त दे दी है। मुंबई के धारावी में 56 साल के एक शख्स की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई। सांस लेने में तकलीफ के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया था और कुछ ही वक्त बाद पीड़ित मरीज की मौत हो गई।

एक ही दिन 7 लोगों की मौत

बुधवार को महाराष्ट्र में कोरोना से 7 लोगों की मौत हुई है। सभी मौतें मुंबई में ही हुई हैं। इससे पहले जिन 4 लोगों की मौत हुई उनकी उम्र 50 से 75 साल के बीच है। कोरोना वायरस से मरने वालों में तीन महिला और एक पुरुष हैं। महाराष्ट में बुधवार को कोरोना के 18 नए मामले सामने आए हैं।

एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी है धारावी

आपको बता दें कि धारावी में कोरोना वायरस का ये पहला पॉजिटिव केस सामने आया है। धारावी को एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी-बस्ती के तौर पर जाना जाता है। प्रशासन ने कोरोना से मरने वाले शख्स के परिवार के सभी लोगों को क्वारेंनटीन में रखा है। साथ ही उस इमारत को भी सील कर दिया गया है जहां कोरोना पॉजिटिव शख्स रहते थे। मुंबई का धारावी इलाका 613 हेक्टेयर में फैला है। जहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लाखों लोगों में ज्यादातर लोग दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी हैं।

महाराष्ट्र में बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

कोरोना वायरस से महाराष्ट्र में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। जिससे महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद 335 हो चुकी है। वहीं, मुंबई में कोरोना के मरीजों की तादाद 181 है।

धारावी में कोरोना ‘एटम बम’ की एंट्री

मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और इस पर काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है। कोरोना वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम है और इन घनी बस्तियों में ये मुमकिन नहीं हो पा रहा है।

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